एक टा पुरान मैथिली फकरा प्रस्तुत क रहल छी. दाय आ नानी के मुहं स सुनैत-सुनाबैत ई फकरा के एखनो गाम-घर के बच्चा गाईव क खेलाइत-धुपाइत अछि।
अटकन मटकन
दहिया चटकन
केरा कुश
महागर जोहागर
पुर्णि पत्ता
हिलय डोलय
माघ मास
करैला फरय
ई करैला नाम की
आमुन गोटी
जामुन गोटी
तेतरी सोहाग गोटी
बांस कटय
ठाँय ठाँय
नदी गोगियायल जाय
कमलक फूल दूनु
अलगल जाय
छोटी रानी
जेठी रानी
गेली नहाय
इछुवा बिछुवा
लय गेल चोर
आब कि पहिरती
कौवा के ठोर
कौवा के ठोर में पिलुवा
Archive for the ‘बाल कविता’ Category
अटकन-मटकन- बाल-कविता-4
In अटकन-मटकन, नेना-भुटका, बाल कविता on April 14, 2009 at 10:27 pmआव कि पहिरती सिलुवा।
